भाषा-टूल

हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं की प्रगति में तकनीकी का योगदान

आज का युग तकनीक का है, जिसे हम “टेक्नोयुग” भी कह सकते हैं, इसलिए आपने देखा होगा कि आज-कल हम प्रत्येक काम में टेक्नोलॉजी का भरपूर प्रयोग करते हैं। उदाहरण के तौर पर अब कोई भी पहले जैसा 25 पैसों वाला पोस्ट कार्ड या 75 पैसों वाला अंतर्देशीय पत्र खरीद कर चिट्ठियां लिखना पसंद नहीं […]

हिन्दी कम्प्यूटिंग : कुछ बाधाएं और कुछ उपाय

हिंदी कम्प्यूटिंग से संबन्धित लेखों की शृंखला (Series) का तीसरा लेख हिंदी कम्यूटरी की कुछ बाधाएं : अभी भी हिंदी कम्प्यूटिंग की राह में अनेक अवरोध हैं जिन्हें दूर करके ही डिजिटल हिंदी की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। उदाहरण के लिए निम्नलिखित समस्याएं आज भी राह का रोड़ा बनी हुई हैं:- कुछ

हिन्दी कम्प्यूटिंग : आधारभूत तत्व एवं वर्तमान स्वरूप

हिंदी कम्प्यूटिंग से संबन्धित लेखों की शृंखला (Series) का दूसरा लेख तकनीकी रूप से देखा जाए तो हिंदी कम्प्यूटिंग अभी भी अपनी शैशवावस्था में ही है। अभी भी कंप्यूटर में हिन्दी या अन्य भारतीय भाषाओं को सौ फीसदी सपोर्ट करने वाले प्रभावी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयरों का विकास नहीं हुआ है। कभी टेक्स्ट (Text) का स्क्रीन

हिन्दी कम्प्यूटिंग : एक परिचय

हिंदी कम्प्यूटिंग से संबन्धित लेखों की शृंखला (Series) का पहला लेख बैंक, सरकारी कार्यालयों, स्कूल दफ्तरों, निजी प्रतिष्ठानों या कोर्ट कचहरी आज हर जगह कम्प्यूटर की घुसपैठ हो गई है। लगता है कि बिना कम्प्यूटर के किसी भी संस्था या कहें कि राष्ट्र की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सकती। यह कोई कपोल-कल्पना नहीं,

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